ग्रंथसार
अग्नि देव का अंतिम उपदेश यह है कि अपने कर्तव्यों का निस्वार्थ पालन ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
अग्नि पुराण · अध्याय 41
राजधर्म से मोक्ष प्राप्ति