ग्रंथसार
जैसे ही धर्म के रक्षक पांडव इस धरा से विदा हुए, वैसे ही अधर्म के प्रतीक कलयुग ने संसार में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए।
भागवत पुराण · अध्याय 10
कलि का आगमन