ग्रंथसार
विदुर जी ने तीर्थों का भ्रमण कर अपने हृदय को प्रभु प्रेम से ओत-प्रोत कर लिया।
भागवत पुराण · अध्याय 14
विदुर जी की तीर्थयात्रा