ग्रंथसार
बालक ध्रुव की निष्कपट भक्ति और उनकी तपस्या ने भगवान को बालक के समक्ष प्रकट होने के लिए विवश कर दिया।
भागवत पुराण · अध्याय 28
ध्रुव का अटूट संकल्प और तप