ग्रंथसार
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का चरित्र ही धर्म की स्थापना का आधार है, जिसने युगों-युगों तक मानव जाति को कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा दी है।
भागवत पुराण · अध्याय 58
श्री राम का पावन चरित्र