ग्रंथसार
सूर्य देव की उपासना किस प्रकार मनुष्यों के समस्त पापों का नाश करके उन्हें आरोग्यता प्रदान करती है, यह जानकर भक्त धन्य हो जाते हैं।
भविष्य पुराण · अध्याय 17
सूर्य भक्ति का माहात्म्य