ग्रंथसार
ब्रह्म पर्व में वर्णित अर्घ्य दान की विधि से किस प्रकार भक्त सूर्य देव की कृपा प्राप्त करता है।
भविष्य पुराण · अध्याय 34
अर्घ्य और दान की महिमा