ग्रंथसार
उत्तर पर्व के अंतर्गत दान की शक्ति और उसके परोपकारी फलों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
भविष्य पुराण · अध्याय 51
निस्वार्थ दान का मार्ग