ग्रंथसार
पवित्र नदियों के तट और तीर्थों की यात्रा मन को निर्मल बनाने का सबसे सरल उपाय है।
भविष्य पुराण · अध्याय 57
शाश्वत तीर्थ यात्रा का मार्ग