ग्रंथसार
घोर कलयुग के आने की आशंका से चिंतित ऋषियों ने नैमिषारण्य के पवित्र वन में सूत जी को घेर लिया।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 1
नैमिषारण्य में ऋषियों का समागम