ग्रंथसार
सृष्टि के विस्तार हेतु भगवान ब्रह्मा जी ने जिन चौदह मनुओं की रचना की, उनका पावन प्रसंग यहाँ वर्णित है।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 14
मनुओं की उत्पत्ति का क्रम