ग्रंथसार
गौतमी तीर्थ की यात्रा का आध्यात्मिक महत्व और उससे मिलने वाली परम मुक्ति का सार इस अध्याय में समाहित है।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 40
तीर्थ यात्रा और मुक्ति