ग्रंथसार
पुरुषोत्तम क्षेत्र में स्थित रोहिणी कुंड के दर्शन मात्र से ही साधक के समस्त पाप धुल जाते हैं।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 45
रोहिणी कुंड की महिमा