ग्रंथसार
भगवन्नाम संकीर्तन और श्रीक्षेत्र की शरण ही कलयुग में मोक्ष का एकमात्र द्वार है।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 48
मुक्ति का मार्ग