ग्रंथसार
श्रीक्षेत्र में जगन्नाथ के दर्शन मात्र से मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
ब्रह्म पुराण · अध्याय 53
दर्शन की सर्वोच्च महिमा