ग्रंथसार
अनंत जलराशि के बीच उस दिव्य अंडे से ही समस्त चराचर जगत का जन्म हुआ।
ब्रह्माण्ड पुराण · अध्याय 15
ब्रह्मांड के अंडे का प्राकट्य