ग्रंथसार
कर्मभूमि के रूप में विख्यात भारतवर्ष समस्त लोकों में सर्वश्रेष्ठ स्थान है।
ब्रह्माण्ड पुराण · अध्याय 18
भारतवर्ष का भौगोलिक महत्त्व