ग्रंथसार
कामेश्वर और कामेश्वरी के मिलन से ही इस अनंत ब्रह्मांड का सृजन और संतुलन बना हुआ है।
ब्रह्माण्ड पुराण · अध्याय 27
कामेश्वरी और कामेश्वर का स्वरूप