ग्रंथसार
राजर्षियों और महर्षियों की यह गौरवशाली गाथा हमें धर्म के मार्ग पर चलने की अटूट प्रेरणा देती है।
ब्रह्माण्ड पुराण · अध्याय 55
वंशानुचरित और ऋषि-परंपरा