ग्रंथसार
काल की अनंत धारा में कल्प, मन्वंतर और युगों के विभाजन का रहस्य अत्यंत गहन है।
ब्रह्माण्ड पुराण · अध्याय 6
काल चक्र और कल्पों का प्रवाह