ग्रंथसार
समस्त देवताओं की सम्मिलित शक्ति के पुंज से भयंकर महिषासुर का संहार करने हेतु देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ।
ब्रह्मवैवर्त पुराण · अध्याय 14
दुर्गा का आविर्भाव