ग्रंथसार
धर्म के मार्ग में आने वाले महान योद्धाओं का पतन नियति का एक क्रूर किंतु अपरिहार्य सत्य था।
ब्रह्मवैवर्त पुराण · अध्याय 48
भीष्म और द्रोण का पतन