ग्रंथसार
वीणा की मधुर ध्वनि और ज्ञान के प्रकाश से देवी सरस्वती ने समस्त सृष्टि को प्रकाशित किया।
ब्रह्मवैवर्त पुराण · अध्याय 7
सरस्वती का ज्ञानमय स्वरूप