ग्रंथसार
न्याय के दरबार में चित्रगुप्त समस्त कर्मों का लेखा-जोखा यमराज के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
गरुड़ पुराण · अध्याय 15
चित्रगुप्त का न्याय