ग्रंथसार
यमलोक के मार्ग पर भटकती आत्माओं की पीड़ा का वर्णन सुनकर गरुड़ जी का हृदय कांप उठा।
गरुड़ पुराण · अध्याय 29
प्रेत आत्माओं का स्वरूप