ग्रंथसार
श्री हरि की भक्ति ही मोक्ष का एकमात्र द्वार है, जिसे अपनाकर जीव भवसागर से पार हो सकता है।
गरुड़ पुराण · अध्याय 3
श्री हरि की पूजा की महिमा