ग्रंथसार
मृत्यु एक अंत नहीं, अपितु एक नई यात्रा का आरंभ है जिसे जानकर मनुष्य को अपने वर्तमान को सार्थक बनाना चाहिए।
गरुड़ पुराण · अध्याय 56
जीवन और परलोक का उपसंहार