ग्रंथसार
भक्ति ही वह एकमात्र साधन है जो भवसागर की बाधाओं को दूर कर मोक्ष प्रदान करती है।
गरुड़ पुराण · अध्याय 59
अनन्य भक्ति का मार्ग