ग्रंथसार
सृष्टि के विकास क्रम में मरीचि आदि ऋषियों के माध्यम से ज्ञान परंपरा का विस्तार हुआ।
लिङ्ग पुराण · अध्याय 31
ऋषियों की वंशावली