ग्रंथसार
समय की अनंत धारा में युगों का चक्र किस प्रकार सृष्टि के उत्थान और पतन को निर्धारित करता है, यह समझना अत्यंत आवश्यक है।
लिङ्ग पुराण · अध्याय 36
कालचक्र और युगों का क्रम