ग्रंथसार
भगवान दत्तात्रेय ने आत्म-साक्षात्कार के उस गूढ़ रहस्य को प्रकट किया जिससे मनुष्य भवसागर के दुखों से मुक्त हो जाता है।
मार्कण्डेय पुराण · अध्याय 30
आत्म-साक्षात्कार का मार्ग