ग्रंथसार
संसार के चक्र से मुक्ति के लिए त्याग का महत्व बताते हुए पक्षियों ने जैमिनि मुनि का मार्गदर्शन किया।
मार्कण्डेय पुराण · अध्याय 32
त्याग का मार्ग