ग्रंथसार
रक्तबीज के हर रक्त-बिंदु से उत्पन्न होते असुरों का संहार करने के लिए महाकाली ने विकराल रूप धारण किया।
मार्कण्डेय पुराण · अध्याय 59
रक्तबीज का विनाश