ग्रंथसार
मन्वंतर का अर्थ है मनु का अधिकार-काल, जहाँ से काल की गणना एक व्यवस्थित रूप लेती है।
मार्कण्डेय पुराण · अध्याय 6
प्रथम मन्वंतर की कथा