ग्रंथसार
सृष्टि के रहस्यों से भरपूर क्षीर सागर, जहाँ शेषनाग की शैया पर साक्षात भगवान नारायण योगनिद्रा में लीन हैं।
पद्म पुराण · अध्याय 20
क्षीर सागर का वर्णन