ग्रंथसार
तीर्थ यात्रा केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और परमात्मा की प्राप्ति का सुगम मार्ग है।
पद्म पुराण · अध्याय 36
तीर्थ यात्रा का महत्त्व