ग्रंथसार
मोक्षदायिनी सप्तपुरियों के दर्शन मात्र से मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
पद्म पुराण · अध्याय 37
सप्तपुरियों का माहात्म्य