ग्रंथसार
संसार की प्रत्येक वस्तु पंचतत्वों के संयोग से बनी है, जो ईश्वर की अद्भुत रचना का प्रमाण है।
पद्म पुराण · अध्याय 50
पंचतत्वों का विकास