ग्रंथसार
उत्तर खंड के अंतर्गत, व्रतों का पालन आत्म-शुद्धि का सबसे सुगम और प्रभावी साधन बताया गया है।
पद्म पुराण · अध्याय 59
पवित्र व्रतों की महत्ता