ग्रंथसार
अहंकारी दक्ष का मस्तक धड़ से अलग कर वीरभद्र ने भगवान शिव के प्रति किए गए घोर अपराध का दंड दिया।
शिव पुराण · अध्याय 38
दक्ष का मस्तक विच्छेद