ग्रंथसार
भगवान शिव पुराण का परम उपदेश मुक्ति है, जहाँ भक्त शिव के आनंद में सदा के लिए लीन हो जाता है।
शिव पुराण · अध्याय 59
मोक्ष का स्वरूप