ग्रंथसार
ॐ नमः शिवाय मंत्र मात्र अक्षरों का समूह नहीं, अपितु स्वयं महादेव का हृदय है।
शिव पुराण · अध्याय 6
पंचाक्षरी मंत्र की महिमा