ग्रंथसार
प्रभास क्षेत्र का पावन तट, जहाँ समुद्र की गर्जना में भगवान की अनंत महिमा गूंजती है।
स्कन्द पुराण · अध्याय 44
प्रभास और शाश्वत ज्योति