ग्रंथसार
रेवा खंड के इस भाग में भक्त को नर्मदा के तट पर मनोवांछित फल की प्राप्ति का वर्णन है।
स्कन्द पुराण · अध्याय 54
दिव्य वरदान की प्राप्ति