ग्रंथसार
महेश्वर खंड के इस प्रसंग में महर्षियों ने राजा को आत्म-ज्ञान और कर्मयोग का मार्ग समझाया।
स्कन्द पुराण · अध्याय 56
दिव्य ज्ञान का उपदेश