ग्रंथसार
प्रभास खंड के पावन तटों पर तीर्थों के दर्शन मात्र से मनुष्य के समस्त पाप विनष्ट हो जाते हैं।
स्कन्द पुराण · अध्याय 59
तीर्थ यात्रा का फल