ग्रंथसार
विमलोदक तीर्थ में स्नान करने से मनुष्य का अंतःकरण स्वच्छ और निर्मल हो जाता है।
वामन पुराण · अध्याय 58
विमलोदक तीर्थ का माहात्म्य