ग्रंथसार
सरोमाहात्म्य के इस अंतिम अध्याय में समस्त तीर्थों की यात्रा का सार और भगवान वामन की भक्ति का फल वर्णित है।
वामन पुराण · अध्याय 60
सरोमाहात्म्य की पूर्णाहुति