ग्रंथसार
जगत को जीवन देने वाली नदियाँ केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि देवताओं की साक्षात शक्ति का स्वरूप हैं।
वराह पुराण · अध्याय 23
नदियों का पावन तीर्थ