ग्रंथसार
ऋष्यमूक पर्वत के निकट यमुना के पावन संगम पर स्थित यह तीर्थ मोक्ष प्रदाता है।
वराह पुराण · अध्याय 42
ऋष्यमूक तीर्थ का पुण्य